UPI New Rules 2026: Google Pay, PhonePe, Paytm जैसे UPI ऐप्स पर अब नहीं दिखेगा पूरा मोबाइल नंबर, NPCI का नया नियम
आज के समय में भारत में digital payments हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। चाय की दुकान से लेकर बड़े शॉपिंग मॉल तक, हर जगह लोग Google Pay, PhonePe, Paytm और अन्य UPI ऐप्स के जरिए कुछ ही सेकंड में भुगतान कर देते हैं। लेकिन जितनी तेजी से डिजिटल भुगतान बढ़ा है, उतनी ही तेजी से डेटा प्राइवेसी और साइबर सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ी हैं। कई बार ऐसा देखा गया कि किसी व्यक्ति को भुगतान करने के बाद सामने वाले के पास उसका मोबाइल नंबर पहुंच गया, जिसके कारण अनचाहे कॉल, स्पैम मैसेज और कई मामलों में ऑनलाइन धोखाधड़ी का खतरा भी बढ़ गया।
इन्हीं चिंताओं को ध्यान में रखते हुए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब Google Pay, PhonePe, Paytm और अन्य UPI प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स का पूरा मोबाइल नंबर दिखाई नहीं देगा। यह फैसला डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) नियमों के तहत लिया गया है, ताकि हर UPI उपयोगकर्ता की निजी जानकारी पहले से ज्यादा सुरक्षित रहे। NPCI ने सभी UPI ऐप्स और पार्टनर बैंकों को इस बदलाव को लागू करने के लिए 4 सितंबर तक का समय दिया है।
क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
भारत में करोड़ों लोग हर दिन UPI के जरिए लेनदेन करते हैं। भुगतान करते समय कई बार दूसरी पार्टी को यूजर का मोबाइल नंबर दिखाई देता था। इससे कुछ लोगों को बाद में अनचाहे फोन कॉल, विज्ञापन संदेश या अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ता था। खासतौर पर महिलाओं की सुरक्षा और Privacy को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं।
इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए NPCI ने नया सर्कुलर जारी किया है। इसका उद्देश्य केवल मोबाइल नंबर छिपाना नहीं है, बल्कि UPI लेनदेन को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना भी है। अब यूजर की व्यक्तिगत जानकारी पहले की तुलना में काफी हद तक सुरक्षित रहेगी।
NPCI का नया आदेश?
NPCI ने अपने नए निर्देश में साफ कहा है कि सभी UPI ऐप्स और बैंक ग्राहक की निजी जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी बदलाव करें। इसका सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि किसी भी ग्राहक का पूरा मोबाइल नंबर हर जगह दिखाई नहीं देगा।
अब UPI ऐप्स को ग्राहक के मोबाइल नंबर, UPI आईडी और अन्य संवेदनशील जानकारी को मास्क (Mask) करना होगा। इसका मतलब है कि पूरा नंबर दिखाने के बजाय केवल जरूरी हिस्सा ही दिखाई देगा। उदाहरण के तौर पर यदि किसी का मोबाइल नंबर 9876543210 है तो सामने वाले को केवल अंतिम चार अंक दिखाई दे सकते हैं, जबकि बाकी अंक छिपे रहेंगे।
QR कोड से पेमेंट करने वालों के लिए क्या बदलेगा?
आज अधिकांश लोग QR कोड स्कैन करके भुगतान करते हैं। ऐसे मामलों में भी नया नियम लागू होगा।
NPCI के निर्देश के अनुसार QR कोड से किए गए ट्रांजैक्शन में भुगतान करने वाले या भुगतान प्राप्त करने वाले का पूरा मोबाइल नंबर दिखाई नहीं देगा। केवल अंतिम चार अंक दिखाई देंगे और भुगतान पूरा होने के बाद भी नंबर को छिपाकर रखा जाएगा।
इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के पास आपका पूरा मोबाइल नंबर नहीं पहुंचेगा।
UPI ऐप्स को क्या-क्या बदलाव करने होंगे?
NPCI ने केवल मोबाइल नंबर छिपाने का आदेश ही नहीं दिया है, बल्कि UPI सेवा प्रदाताओं को कुछ और महत्वपूर्ण बदलाव करने के निर्देश भी दिए हैं।
अब Google Pay, PhonePe, Paytm और अन्य UPI ऐप्स को ऐसा विकल्प देना होगा, जिससे उपयोगकर्ता बिना मोबाइल नंबर वाले UPI आईडी बना सकें। यानी भविष्य में यूजर चाहें तो अपना मोबाइल नंबर इस्तेमाल किए बिना केवल एक यूनिक यूजरनेम के आधार पर UPI आईडी बना सकेंगे।
फिलहाल अधिकांश लोग मोबाइल नंबर आधारित UPI आईडी का उपयोग करते हैं क्योंकि उन्हें वैकल्पिक यूजरनेम आधारित आईडी बनाने की जानकारी नहीं होती। नए बदलाव के बाद यह सुविधा अधिक आसान और लोकप्रिय हो सकती है।
यूजर्स को क्या मिलेगा फायदा?
पहला फायदा यह होगा कि आपकी व्यक्तिगत जानकारी पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित रहेगी। मोबाइल नंबर सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं देगा, जिससे कोई अनजान व्यक्ति आपको आसानी से कॉल या मैसेज नहीं कर सकेगा।
दूसरा बड़ा फायदा साइबर सुरक्षा से जुड़ा है। आजकल ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले कई लोग मोबाइल नंबर के जरिए लोगों से संपर्क करके बैंक या UPI से जुड़ी जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं। नंबर छिपने से ऐसे मामलों में काफी कमी आ सकती है।
तीसरा फायदा महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगा। कई बार किसी भुगतान के बाद मोबाइल नंबर मिलने पर लोग परेशान करने वाले कॉल या संदेश भेजते थे। नया नियम इस समस्या को काफी हद तक कम कर सकता है।
डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) नियम क्या है?
भारत सरकार ने नागरिकों के निजी डेटा की सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) से जुड़े नियम लागू किए हैं।
इन नियमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी व्यक्ति की निजी जानकारी का उपयोग केवल आवश्यक और अधिकृत उद्देश्य के लिए ही किया जाए। NPCI का यह नया आदेश भी इन्हीं नियमों के अनुरूप जारी किया गया है ताकि डिजिटल भुगतान के दौरान उपयोगकर्ताओं की पहचान और निजी डेटा सुरक्षित रह सके।
यह सभी UPI ऐप्स पर लागू होगा यह नियम?
Google Pay, PhonePe, Paytm सहित सभी UPI आधारित एप्लिकेशन और उनसे जुड़े बैंक इस आदेश के दायरे में आएंगे। सभी सेवा प्रदाताओं को तय समय सीमा के भीतर अपने सिस्टम में जरूरी बदलाव करने होंगे।
इसका मतलब है कि चाहे आप किसी भी UPI ऐप का उपयोग करें, आने वाले समय में आपकी निजी जानकारी पहले की तुलना में ज्यादा सुरक्षित रहेगी।
भविष्य में UPI में और कौन-कौन से बदलाव आ सकते हैं?
हाल ही में UPI से जुड़ी एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार NPCI ऐसे फीचर पर काम कर रहा है, जिसमें उपयोगकर्ताओं को एक ही स्थान पर सभी ऑटोमैटिक पेमेंट्स की जानकारी मिल सकेगी।
अगर यह सुविधा शुरू होती है तो उपयोगकर्ता अलग-अलग ऐप्स में जाकर ऑटो डेबिट या सब्सक्रिप्शन देखने के बजाय एक ही प्लेटफॉर्म पर सभी जानकारी देख सकेंगे। इससे खर्चों पर नजर रखना आसान होगा और बैंकिंग सिस्टम भी पहले से अधिक व्यवस्थित बनेगा।
क्या आपको अभी कुछ करने की जरूरत है?
सामान्य उपयोगकर्ताओं को फिलहाल किसी प्रकार की कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है। सभी जरूरी तकनीकी बदलाव UPI ऐप्स और बैंक अपने स्तर पर लागू करेंगे।
हालांकि, यदि आपके UPI ऐप में भविष्य में यूजरनेम आधारित UPI आईडी बनाने का विकल्प दिखाई दे, तो उसका उपयोग करना आपकी प्राइवेसी के लिए और भी बेहतर साबित हो सकता है। साथ ही हमेशा आधिकारिक ऐप का नवीनतम संस्करण इस्तेमाल करें और किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, UPI PIN या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें।