CTET Postponed: सीटेट परीक्षा हुई स्थगित, आवेदन का फिर मौका, जानें नई तारीख और CTET अनिवार्यता
CTET Postponed: केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी CTET September 2026 को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 6 सितंबर 2026 को प्रस्तावित CTET परीक्षा को स्थगित कर दिया है। परीक्षा की नई तारीख फिलहाल जारी नहीं की गई है। बोर्ड की ओर से बताया गया है कि आवेदन प्रक्रिया दोबारा समाप्त होने के बाद संशोधित परीक्षा तिथि की घोषणा की जाएगी। इस खबर के साथ उन उम्मीदवारों के लिए राहत भी आई है, जो पिछली आवेदन प्रक्रिया में किसी वजह से CTET का फॉर्म नहीं भर पाए थे।
CBSE ने CTET September 2026 के लिए आवेदन पोर्टल एक बार फिर खोलने का निर्णय लिया है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद लिया गया है। पात्र शिक्षकों को निर्धारित TET योग्यता हासिल करने के लिए उचित अवसर दिए जाने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए उन उम्मीदवारों को दोबारा आवेदन का मौका दिया गया है, जो पहले आवेदन नहीं कर सके थे। ऐसे उम्मीदवार 25 अगस्त 2026 से 1 सितंबर 2026 तक CTET की आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
CTET परीक्षा स्थगित होने से उम्मीदवारों पर क्या असर पड़ेगा?
CTET की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए परीक्षा स्थगित होने की खबर अचानक जरूर आई है, लेकिन इसे केवल परेशानी के रूप में देखने की जरूरत नहीं है। परीक्षा की नई तारीख अभी सामने नहीं आई है। इसका मतलब यह है कि उम्मीदवारों को तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिल सकता है। जिन विषयों में तैयारी कमजोर है, उन्हें दोबारा मजबूत करने का अवसर मिलेगा। साथ ही मॉक टेस्ट, पुराने प्रश्नपत्र और समय प्रबंधन पर भी बेहतर तरीके से काम किया जा सकता है, परीक्षा की नई तारीख को लेकर अभी अनुमान लगाना उचित नहीं होगा। CBSE ने स्पष्ट किया है कि दोबारा आवेदन की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद CTET के 22वें संस्करण की संशोधित परीक्षा तिथि घोषित की जाएगी।
CTET आवेदन की विंडो फिर से क्यों खोली गई?
CTET के लिए पहले ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 11 मई 2026 से 10 जून 2026 तक चली थी। इस दौरान कई पात्र उम्मीदवार आवेदन नहीं कर पाए थे। कुछ अभ्यर्थी समय पर फॉर्म नहीं भर सके, जबकि कुछ उम्मीदवार अलग-अलग कारणों से आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए। अब CBSE ने ऐसे पात्र उम्मीदवारों को एक और मौका देने का फैसला किया है, बोर्ड की ओर से जारी सूचना में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का उल्लेख किया गया है। इसमें पात्र शिक्षकों को निर्धारित TET योग्यता हासिल करने की वैधानिक आवश्यकता पूरी करने के लिए उचित अवसर दिए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए CTET का ऑनलाइन आवेदन पोर्टल दोबारा खोला जा रहा है। यह फैसला उन अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है, जो पहले आवेदन करने से चूक गए थे और अब CTET परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं।
1 सितंबर तक करें आवेदन
CTET September 2026 के लिए आवेदन नहीं किया था, उनके पास अब आवेदन करने का अवसर है। आवेदन प्रक्रिया 25 अगस्त 2026 से शुरू होकर 1 सितंबर 2026 तक चलेगी। उम्मीदवारों को आवेदन करने के लिए CTET की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा और वहां उपलब्ध ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को पूरा करना होगा।अभ्यर्थियों को सलाह है कि आवेदन की अंतिम तारीख का इंतजार न करें। आखिरी दिनों में वेबसाइट पर अधिक संख्या में उम्मीदवार आवेदन करते हैं। ऐसे में सर्वर संबंधी परेशानी या भुगतान से जुड़ी तकनीकी दिक्कत आ सकती है। इसलिए आवेदन प्रक्रिया जितनी जल्दी पूरी हो, उतना बेहतर रहेगा। फॉर्म जमा करने से पहले नाम, जन्मतिथि, शैक्षणिक योग्यता और अन्य जरूरी विवरणों को ध्यान से जांचना भी जरूरी है।
पहले आवेदन कर चुके उम्मीदवारों को दोबारा फॉर्म भरना होगा?
CTET उम्मीदवारों के बीच यह सवाल भी तेजी से उठ रहा है कि जिन अभ्यर्थियों ने पहले ही आवेदन कर दिया है, क्या उन्हें अब दोबारा आवेदन करना होगा। CBSE ने इस संबंध में स्थिति साफ कर दी है। जिन उम्मीदवारों ने पहले ही सफलतापूर्वक अपना आवेदन पूरा करके जमा कर दिया है, उन्हें दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है, उनका जमा किया गया आवेदन मान्य रहेगा। उन्हें केवल CTET की संशोधित परीक्षा तिथि और आगे जारी होने वाली आधिकारिक सूचनाओं का इंतजार करना होगा। वहीं जिन अभ्यर्थियों ने पिछली आवेदन अवधि में फॉर्म नहीं भरा था, उन्हें ही दोबारा खोली गई आवेदन विंडो का लाभ उठाना है।
CTET की नई परीक्षा तारीख कब घोषित होगी?
6 सितंबर 2026 को आयोजित होनी थी, लेकिन आवेदन प्रक्रिया दोबारा शुरू होने के कारण इस कार्यक्रम में बदलाव किया गया है। अब आवेदन पोर्टल 1 सितंबर को बंद होने के बाद बोर्ड संशोधित परीक्षा कार्यक्रम जारी करेगा, दौरान अपनी तैयारी जारी रखनी चाहिए। परीक्षा की तारीख में बदलाव होने का मतलब यह नहीं है कि तैयारी भी रोक दी जाए। बल्कि अतिरिक्त समय को अपनी कमियों को दूर करने में लगाना अधिक फायदेमंद होगा। नई तारीख जारी होते ही उम्मीदवार अपने अंतिम रिवीजन की योजना भी उसी के अनुसार बना सकते हैं।
CTET और TET की अनिवार्यता को लेकर क्यों बढ़ी चिंता?
CTET परीक्षा स्थगित होने के साथ TET की अनिवार्यता का मुद्दा भी चर्चा में है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उन सेवारत शिक्षकों के बीच चिंता बढ़ी है, जिनके लिए TET योग्यता हासिल करना आवश्यक माना गया है। देश के अलग-अलग राज्यों में बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक हैं जो लंबे समय से स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्होंने नियुक्ति के समय TET परीक्षा पास नहीं की थी। फैसले का प्रभाव उत्तर प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों के शिक्षकों पर पड़ने की बात कही जा रही है। ऐसे शिक्षकों के लिए निर्धारित समय के भीतर TET योग्यता हासिल करना महत्वपूर्ण हो गया है। इसी वजह से CTET जैसे अवसर उनके लिए पहले की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण दिखाई दे रहे हैं, सभी शिक्षकों की स्थिति एक जैसी नहीं है। उनकी नियुक्ति का वर्ष, पद, शैक्षणिक योग्यता, संबंधित राज्य के नियम और सेवा की शर्तें अलग हो सकती हैं। इसलिए किसी भी शिक्षक को केवल सामान्य जानकारी के आधार पर अपनी नौकरी को लेकर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए। अपने मामले में लागू सरकारी आदेश और आधिकारिक निर्देशों को देखना जरूरी है।
31 अगस्त 2028 की समयसीमा क्यों महत्वपूर्ण है?
TET अनिवार्यता से जुड़े मामले में 31 अगस्त 2028 की समयसीमा को लेकर शिक्षकों के बीच काफी चर्चा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार संबंधित पात्र शिक्षकों को निर्धारित अवधि तक TET योग्यता हासिल करनी होगी, शिक्षकों के लिए यह सिर्फ परीक्षा पास करने का विषय नहीं है, बल्कि उनकी सेवा और भविष्य से भी जुड़ा हुआ मामला है। लंबे समय से नौकरी कर रहे शिक्षक अचानक अपने सामने नई पात्रता की शर्त देखकर स्वाभाविक रूप से चिंतित हैं। खासकर वे शिक्षक अधिक परेशान हैं, जिनकी वर्तमान शैक्षणिक योग्यता TET में शामिल होने की पात्रता से जुड़ी शर्तों को पूरा नहीं करती, पात्र उम्मीदवारों को पर्याप्त अवसर देने की मांग और इस विषय पर न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण बनी हुई है। CTET आवेदन विंडो दोबारा खोलने का निर्णय भी इसी व्यापक परिस्थिति में देखा जा रहा है।
उत्तर प्रदेश के शिक्षकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है CTET?
उत्तर प्रदेश में भी TET अनिवार्यता को लेकर बड़ी संख्या में शिक्षक प्रभावित बताए जा रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार राज्य में करीब 1.86 लाख शिक्षकों के सामने यह विषय महत्वपूर्ण है। इनमें ऐसे शिक्षक भी हैं जिनकी नियुक्ति पुरानी व्यवस्था के तहत हुई थी और जिन्होंने उस समय TET नहीं किया था,समस्या उन शिक्षकों के लिए और गंभीर हो सकती है जिनके पास वर्तमान नियमों के अनुसार TET में बैठने की आवश्यक पात्रता नहीं है। ऐसे मामलों में केवल परीक्षा की तैयारी करना पर्याप्त नहीं होगा। संबंधित शिक्षक को अपनी शैक्षणिक योग्यता और सेवा संबंधी नियमों की जानकारी भी समझनी होगी।उत्तर प्रदेश समेत कुछ राज्यों की ओर से सेवारत शिक्षकों के लिए TET अनिवार्यता से जुड़े फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिकाएं दायर किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इसलिए इस मामले में आगे आने वाले न्यायिक और सरकारी निर्देश महत्वपूर्ण रहेंगे।
CTET में कितने अंक जरूरी हैं?
CTET परीक्षा में सफल होने के लिए उम्मीदवारों को न्यूनतम योग्यता अंक प्राप्त करने होते हैं। सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए 150 में कम से कम 90 अंक, यानी 60 प्रतिशत, प्राप्त करना जरूरी माना जाता है।वहीं अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए 150 में 82 अंक, यानी करीब 55 प्रतिशत, का न्यूनतम मानक बताया गया है। अन्य आरक्षित श्रेणियों के लिए लागू नियम और छूट संबंधित आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार देखी जानी चाहिए, CTET पास करना सीधे शिक्षक की नौकरी मिलने की गारंटी नहीं है। CTET एक पात्रता परीक्षा है। इसके बाद संबंधित शिक्षक भर्ती में अलग से आवेदन करना होता है और उस भर्ती के नियमों के अनुसार चयन प्रक्रिया में शामिल होना पड़ता है।
CTET Paper 1 किसके लिए होता है?
CTET में मुख्य रूप से दो पेपर होते हैं। Paper 1 प्राथमिक स्तर के शिक्षक बनने की पात्रता से जुड़ा है। इसमें सफल होने वाले उम्मीदवार सामान्य तौर पर कक्षा 1 से 5 तक के शिक्षण पदों के लिए आयोजित होने वाली भर्तियों में पात्रता की शर्त पूरी कर सकते हैं।
Paper 1 की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, भाषा, गणित और पर्यावरण अध्ययन जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देना होता है। पाठ्यक्रम को समझने के बाद नियमित अभ्यास करना परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए उपयोगी रहता है।
CTET Paper 2 किसके लिए होता है?
CTET Paper 2 कक्षा 6 से 8 के शिक्षण स्तर से संबंधित है। जो उम्मीदवार उच्च प्राथमिक स्तर पर शिक्षक बनने की पात्रता हासिल करना चाहते हैं, वे निर्धारित शैक्षणिक योग्यता के अनुसार Paper 2 में शामिल होते हैं।
उम्मीदवार को परीक्षा में शामिल होने से पहले अपनी पात्रता जरूर जांचनी चाहिए। विषय और शैक्षणिक योग्यता से संबंधित नियमों को नजरअंदाज करके आवेदन करना आगे परेशानी का कारण बन सकता है। इसलिए CTET का आवेदन भरने से पहले आधिकारिक पात्रता शर्तों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है।
CTET पास करने के बाद कहां नौकरी मिल सकती है?
CTET पास करने के बाद केंद्रीय स्तर के विभिन्न स्कूलों में शिक्षक भर्ती के अवसर मिल सकते हैं। केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और कुछ अन्य केंद्रीय संस्थानों की शिक्षक भर्ती में CTET पात्रता महत्वपूर्ण शर्तों में शामिल हो सकती है। उम्मीदवारों को यह बात हमेशा ध्यान में रखनी चाहिए कि CTET प्रमाणपत्र अपने आप नौकरी नहीं देता। जब किसी स्कूल या संस्था में शिक्षक भर्ती निकलती है, तो उम्मीदवार को उस भर्ती की अलग आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होती है। संबंधित विज्ञापन में पद के लिए जरूरी शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, विषय और अन्य शर्तें दी जाती हैं इसके अलावा विभिन्न राज्यों में शिक्षक भर्ती के नियम अलग हो सकते हैं। कहीं CTET स्वीकार किया जा सकता है तो कहीं राज्य की TET परीक्षा की पात्रता जरूरी हो सकती है। इसलिए नौकरी के लिए आवेदन करने से पहले संबंधित भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन पढ़ना सबसे सुरक्षित तरीका है।
परीक्षा स्थगित होने का समय तैयारी में कैसे इस्तेमाल करें?
CTET परीक्षा की नई तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। ऐसे में उम्मीदवारों के पास अपनी तैयारी को बेहतर करने का अवसर है। इस समय सबसे पहले पूरे पाठ्यक्रम की समीक्षा करनी चाहिए। जिन अध्यायों में लगातार गलतियां हो रही हैं, उन्हें दोबारा पढ़ना चाहिए।इसके बाद पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करना उपयोगी रहेगा। इससे प्रश्नों की प्रकृति समझने में मदद मिलेगी। रोजाना निर्धारित समय में मॉक टेस्ट देने से परीक्षा के दौरान समय प्रबंधन भी बेहतर किया जा सकता है।तैयारी में निरंतरता सबसे महत्वपूर्ण है। कई बार परीक्षा की तारीख आगे बढ़ने के बाद उम्मीदवार पढ़ाई में ढील देने लगते हैं। ऐसा करने से अंतिम समय में दबाव बढ़ जाता है। इसलिए नई तारीख आने तक भी रोजाना पढ़ाई का एक निश्चित कार्यक्रम बनाए रखना बेहतर होगा।
CTET उम्मीदवारों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
सबसे जरूरी बात यह है कि उम्मीदवार CTET से जुड़ी जानकारी केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त करें। आवेदन की अंतिम तारीख, परीक्षा तिथि, एडमिट कार्ड, परीक्षा केंद्र और अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं में बदलाव होने पर CBSE की ओर से आधिकारिक जानकारी जारी की जाएगी, जिन उम्मीदवारों ने पहले आवेदन कर दिया है, उन्हें दोबारा फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है। वहीं जिन अभ्यर्थियों ने आवेदन नहीं किया था, उन्हें 1 सितंबर 2026 की अंतिम तारीख से पहले प्रक्रिया पूरी करनी होगी। आवेदन के बाद उसकी पुष्टि और संबंधित दस्तावेजों को सुरक्षित रखना भी जरूरी है, परीक्षा की नई तारीख घोषित होने के बाद उम्मीदवारों को अपनी तैयारी की अंतिम रणनीति तय करनी चाहिए। जितना अधिक समय मिले, उसका इस्तेमाल कमजोर विषयों को मजबूत करने में करना चाहिए। केवल पढ़ने के बजाय लिखकर अभ्यास और नियमित टेस्ट देना अधिक प्रभावी हो सकता है।
CTET Postponed के बाद अब आगे क्या होगा?
अब सभी की नजर CBSE की अगली आधिकारिक सूचना पर है। फिलहाल सबसे पहले दोबारा खोली गई आवेदन प्रक्रिया पूरी होगी। 1 सितंबर 2026 के बाद आवेदन पोर्टल बंद होने पर बोर्ड CTET के 22वें संस्करण की संशोधित परीक्षा तिथि की घोषणा करेगा।
इस दौरान पहले से आवेदन कर चुके उम्मीदवारों को किसी तरह की जल्दबाजी में दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं है। वहीं नए पात्र उम्मीदवारों के लिए यह मौका बेहद महत्वपूर्ण है। TET की अनिवार्यता सेजुड़े व्यापक मुद्दे को देखते हुए CTET की यह परीक्षा कई उम्मीदवारों और शिक्षकों के लिए काफी अहम हो सकती है।