31 जुलाई से खुलेगा एग्री मशीनरी पोर्टल: 50% सब्सिडी पर कृषि यंत्र पाने का सुनहरा मौका, जानें आवेदन की पूरी प्रक्रिया
खेती-किसानी आज सिर्फ हल-बैल या पारंपरिक तौर-तरीकों तक सीमित नहीं रह गई है। आधुनिक दौर में खेती को मुनाफे का सौदा बनाने के लिए आधुनिक कृषि यंत्रों (Agricultural Machinery) का होना बेहद जरूरी हो गया है। एक समय था जब किसान भाइयों को खेतों की जुताई, बुवाई और कटाई के लिए हफ़्तों तक पसीना बहाना पड़ता था, लेकिन आज आधुनिक मशीनों ने इस काम को चंद घंटों का और बेहद आसान बना दिया है। हालांकि, कल्टीवेटर, रोटावेटर, ट्रैक्टर या थ्रेशर जैसी बड़ी और आधुनिक मशीनें खरीदना हर छोटे और सीमांत किसान के बजट में नहीं होता। अपनी गाढ़ी कमाई का एक बड़ा हिस्सा इन महंगी मशीनों पर खर्च करना किसी भी किसान परिवार के लिए एक बड़ा मानसिक और वित्तीय बोझ बन जाता है। किसानों की इसी परेशानी को दूर करने और उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए सरकार एक बहुत ही शानदार योजना लेकर आई है।
उत्तर प्रदेश सरकार का कृषि विभाग किसानों को भारी राहत देते हुए एक बार फिर अपना एग्री मशीनरी पोर्टल (Agri Machinery Portal) खोलने जा रहा है। आगामी 31 जुलाई से इस पोर्टल को लाइव कर दिया जाएगा, जिसके तहत किसान भाई विभिन्न प्रकार के कृषि यंत्रों पर पूरे 50 फीसदी (50% Subsidy on Krishi Yantra) तक की भारी सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं। अगर आप भी लंबे समय से अपने खेतों के लिए कोई नई मशीन खरीदने की सोच रहे थे, तो सरकार की यह योजना आपके सपनों को सच करने का सबसे बेहतरीन जरिया साबित हो सकती है। इस विस्तृत लेख में हम बिल्कुल सरल और ग्रामीण भाषा में समझेंगे कि इस योजना का लाभ कैसे मिलेगा, आवेदन की अंतिम तिथि क्या है, और लॉटरी सिस्टम के जरिए आप इस भारी छूट का फायदा कैसे उठा सकते हैं।
क्या है एग्री मशीनरी सब्सिडी योजना और पोर्टल कब तक खुला रहेगा?
सरकार की इस कल्याणकारी योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के किसानों को कम लागत में आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराना है। इसके तहत छोटे, सीमांत, महिला और अनुसूचित जाति/जनजाति के किसानों को प्राथमिकता दी जाती है ताकि समाज के आखिरी पायदान पर खड़ा किसान भी वैज्ञानिक तरीकों से खेती कर सके। इस योजना के अंतर्गत कृषि विभाग द्वारा पात्र किसानों को चुनिंदा कृषि यंत्रों की खरीद पर उनकी कुल लागत का आधा पैसा यानी 50% तक की सब्सिडी सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर (DBT) की जाएगी।
पोर्टल खुलने और आवेदन करने की तारीखों को लेकर विभाग ने पूरी तरह से स्थिति साफ कर दी है। एग्री मशीनरी पोर्टल 31 जुलाई से आधिकारिक तौर पर ऑनलाइन आवेदनों के लिए खोल दिया जाएगा। किसान भाइयों के पास अपनी पसंद की मशीनों के लिए पंजीकरण करने का एक निश्चित और सीमित समय होगा। सरकार की कोशिश है कि खरीफ सीजन की मुख्य फसलों की कटाई और आगामी रबी सीजन की बुवाई से ठीक पहले किसानों के हाथों में ये आधुनिक मशीनें पहुंच जाएं ताकि वे समय पर और बिना किसी बाधा के अपनी खेती का काम निपटा सकें। अंतिम तिथि के बाद पोर्टल को बंद कर दिया जाएगा, इसलिए समय रहते आवेदन करना ही समझदारी होगी।
कौन-कौन से कृषि यंत्रों पर मिलेगी सब्सिडी और चयन का क्या है ‘लॉटरी’ फॉर्मूला?
इस योजना का दायरा काफी बड़ा है और इसमें खेती के शुरुआती काम से लेकर फसल कटाई के बाद के प्रबंधन तक की लगभग सभी छोटी-बड़ी मशीनों को शामिल किया गया है। किसान भाई अपनी जरूरत के हिसाब से रोटावेटर, कल्टीवेटर, लेजर लैंड लेवलर (खेत समतल करने की मशीन), पावर टिलर, स्ट्रॉ रीपर, रीपर-कम-बाइंडर, कंबाइन हार्वेस्टर, सीड ड्रिल और यहाँ तक कि आधुनिक ड्रोन तकनीक वाले कृषि यंत्रों पर भी सब्सिडी के लिए आवेदन कर सकते हैं।
लॉटरी सिस्टम से होगा पारदर्शी चयन:
अक्सर किसानों के मन में यह शंका रहती है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल रसूखदार या पहुंच वाले लोगों को ही मिल पाता है। लेकिन सरकार ने इस प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए लॉटरी सिस्टम (Lottery System for Agri Machinery) को अपनाया है।
- पोर्टल पर निर्धारित तिथि तक जितने भी किसान भाई आवेदन करेंगे, उन सभी के डेटा को सुरक्षित किया जाएगा।
- इसके बाद, जिला स्तर पर जिला अधिकारी (DM) और मुख्य विकास अधिकारी (CDO) की निगरानी में एक खुली और कंप्यूटराइज्ड लॉटरी का आयोजन किया जाएगा।
- इस पूरी प्रक्रिया की बकायदा वीडियोग्राफी भी की जाती है ताकि किसी भी स्तर पर पक्षपात की गुंजाइश न रहे।
लॉटरी में जिन खुशनसीब किसानों का नाम निकलेगा, उन्हें विभाग की तरफ से बकायदा एक टोकन और स्वीकृति पत्र जारी किया जाएगा। इसके बाद वे सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त किसी भी डीलर से मशीन खरीदकर अपनी सब्सिडी का पैसा क्लेम कर सकेंगे
- आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज और पात्रता की शर्तें
यदि आप इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आवेदन प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही अपने सभी जरूरी कागजात संभालकर रख लें ताकि ऐन वक्त पर आपको साइबर कैफे या सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। इस योजना में आवेदन करने के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:
- किसान का आधार कार्ड: जो उनके बैंक खाते और मोबाइल नंबर से लिंक होना अनिवार्य है।
- खतौनी (जमीन के कागज): यह साबित करने के लिए कि आवेदक किसान के पास राज्य में कृषि योग्य भूमि उपलब्ध है।
- बैंक पासबुक की कॉपी: सब्सिडी की राशि सीधे आपके खाते में आएगी, इसलिए खाता चालू स्थिति में होना चाहिए और उसमें आधार सीधी मैपिंग (NPCI Mapping) होनी चाहिए।
- पंजीकरण संख्या: उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के पोर्टल (पारदर्शी किसान सेवा योजना) पर किसान का पहले से पंजीकरण होना आवश्यक है।
- मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज फोटो: ओटीपी वेरिफिकेशन और पहचान के लिए चालू मोबाइल नंबर बेहद जरूरी है।
पात्रता की बात करें तो आवेदक उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए। जिन किसानों ने पिछले तीन से पांच वर्षों के भीतर सरकार की किसी अन्य योजना के तहत उसी कृषि यंत्र पर सब्सिडी का लाभ लिया है, वे इस बार उस विशिष्ट मशीन के लिए पात्र नहीं होंगे। हालांकि, वे किसी दूसरे नए यंत्र के लिए जरूर आवेदन कर सकते हैं।
एग्री मशीनरी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Guide)
31 जुलाई को जैसे ही पोर्टल लाइव होगा, आप अपने घर बैठे मोबाइल से या नजदीकी जनसेवा केंद्र (CSC) पर जाकर नीचे दिए गए चरणों का पालन करते हुए बहुत ही आसानी से आवेदन कर सकते हैं:
- आधिकारिक वेबसाइट खोलें: सबसे पहले उत्तर प्रदेश कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट
upagriculture.com पर जाएं या सीधे एग्री मशीनरी पोर्टल की वेबसाइट पर विजिट करें।
- अनुदान पर कृषि यंत्र वाले लिंक पर क्लिक करें: होमपेज पर आपको “कृषि यंत्रों पर अनुदान हेतु बुकिंग करें” या “एग्री मशीनरी पोर्टल आवेदन” का विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।
- किसान पंजीकरण संख्या दर्ज करें: अपना पुराना किसान पंजीकरण नंबर डालें और खोजें (Search) बटन पर क्लिक करें। ऐसा करते ही आपकी जमीन और व्यक्तिगत विवरण स्क्रीन पर आ जाएगा।
- यंत्र का चयन करें: आप जिस भी कृषि मशीन (जैसे रोटावेटर या कल्टीवेटर) पर सब्सिडी पाना चाहते हैं, सूची में से उसका चुनाव करें।
- टोकन मनी या बुकिंग राशि जमा करें: बड़े कृषि यंत्रों की बुकिंग के लिए सरकार एक निश्चित जमानत राशि (टोकन मनी) ऑनलाइन जमा करवाती है, जो चालान या नेट बैंकिंग के जरिए जमा होगी। यदि लॉटरी में आपका नाम नहीं आता, तो यह राशि आपके खाते में वापस भेज दी जाती है।
- फॉर्म सबमिट करें और प्रिंट लें: सभी जानकारियां जांचने के बाद फॉर्म को फाइनल सबमिट कर दें और भविष्य के संदर्भ के लिए आवेदन की रसीद का प्रिंट आउट अपने पास सुरक्षित रख लें।